*ओवरलोड ट्रेलरों पर कार्रवाई नहीं होने से फिर गई दो जान, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल*

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा:– जिले में कोलवॉशरी से निकलने वाले ओवरलोड ट्रेलरों का मुद्दा एक बार फिर गंभीर हो गया है। बलौदा थाना क्षेत्र के बिरंगहनी गांव के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सगे भाई-बहन संजय कुर्रे और अंजुलता कुर्रे की मौत ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और परिवहन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार ठड़गा-बहरा बिरंगहनी चौक के पास कोयले से भरी एक अनियंत्रित ट्रेलर ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोलवॉशरी से रोजाना गुजरने वाले कई ट्रेलर क्षमता से अधिक कोयला लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। आरोप है कि कई वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है और बिना कंडक्टर के वाहन संचालित किए जा रहे हैं। भारी ओवरलोडिंग के कारण ट्रेलर अनियंत्रित होते हैं और लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोड वाहनों पर सख्ती की जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
हादसे के बाद बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं ट्रेलर चालक घटना के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से ओवरलोड ट्रेलरों पर तत्काल कार्रवाई, नियमित जांच अभियान और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
