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गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत एचआईवी एवं सिफलिस जांच सुनिश्चित करने पर जोर

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गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत एचआईवी एवं सिफलिस जांच सुनिश्चित करने पर जोर

*एचआईवी-टीबी समन्वय बैठक आयोजित*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// जिले में एचआईवी संक्रमण एवं क्षय रोग (टीबी) की रोकथाम, समय पर पहचान, उपचार की निरंतरता और जनजागरूकता को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय एचआईवी-टीबी समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार जिला क्षय नियंत्रण केंद्र में आयोजित इस बैठक में अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीकेश गुप्ता ने बताया कि बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, विभागीय समन्वय बढ़ाने तथा एचआईवी एवं सिफलिस की जांच और उपचार सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में निर्देशित किया गया कि जिले में पंजीकृत प्रत्येक गर्भवती माता की एचआईवी एवं सिफलिस जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही जांच से संबंधित समस्त जानकारी विकासखंड स्तर पर एचआईएमएस पोर्टल में नियमित रूप से दर्ज की जाए। इसके लिए सभी संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी गर्भवती माता जांच से वंचित न रहे और आवश्यकता पड़ने पर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे ने बताया कि जिले के तीनों विकासखंडों में एचआईवी की दवा लेना छोड़ चुके मरीजों की गोपनीयता बनाए रखते हुए पहचान करने तथा उन्हें पुनः उपचार से जोड़ने की प्रगति की समीक्षा की गई। ऐसे मरीजों को एआरटी केंद्र, बिलासपुर में पुनः लिंक कराने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान मरीजों की निजता, सम्मान और गोपनीयता बनाए रखने को विशेष महत्व दिया गया। बैठक में जिले में संचालित निजी नर्सिंग होम एवं निजी पैथोलॉजी लैब का सर्वे करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वहां प्रतिमाह होने वाली एचआईवी एवं सिफलिस जांच की रिपोर्ट का नियमित संधारण सुनिश्चित करने के लिए टीआई एनजीओ एवं आईसीटीसी के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इससे जिले में जांच संबंधी गतिविधियों की बेहतर निगरानी एवं समीक्षा की जा सकेगी। बैठक में मुंगेली, लोरमी एवं पथरिया विकासखंडों के एड्स नियंत्रण कार्यक्रम एवं जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामीण विकास सहारा संस्था, बिहान कार्यक्रम के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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